14 साल में पहली बार लोकसभा के बाहर हुआ इतना बड़ा प्रदर्शन… सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा…
लोकसभा के बाहर 14 साल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर प्रदर्शन देखने को मिला। CJP ने NEET पेपर लीक समेत शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर
NEET परीक्षा के मामले लेकर 20 जुलाई को संसद के बाहर हुआ प्रदर्शन बीते 14 सालों में अब तक सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन में सोमवार 20 जुलाई को संसद के गेट तक पहुंच गया। जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शंनकारियों के बीच झड़प की तस्वीरें सामने आने लगी संसद के रेलभवन की ओर बढ़ रही भीड़ को पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और हल्के बल प्रयोग करना पड़ा।
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सौरव ने नड्डा को सौपा पत्र
NEET पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर, सीजेपी के लोग लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को प्रदर्शनकारी संसद मार्च निकालने की बात को लेकर पुलिस के सामने अड़ गए थे। जिसके बाद पुलिस उनको रोकने की कोशिश की पर बात न बनने से पुलिस को लाठीचार्ज कर उन्हें हटाना पड़ा। सीजेपी कार्यकर्ता बीते 20 दिनों से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहें हैं।
सोमवार 20 जुलाई को हुई इस झड़प के बाद सरकार ने पहली बार सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास से मुलाकात कर उनकी बात को सुना। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने अपनी मांगो को लेकर सरकार को पत्र सौंपा। पत्र में सरकार से की गई मांग में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को हास्पिटल से डिस्चार्ज कर परिवार के मनमुताबिक हास्पिटल में भर्ती करवाया जाए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को सरकार 1 करोड़ रुपए मुआवजा दे। सबसे अहम बात ये है कि सरकार से आने वाले वक्त में होने वाली परीक्षाओं को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई।
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