यूट्यूबर के मुताबिक, मकान मालिक ने उसे आधी रात को फोन किया और जल्द से जल्द घर खाली करने के लिए कहा। उसका कहना है कि फिलहाल परिवार के पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है, इसलिए नया घर मिलने के बाद ही वह मौजूदा मकान खाली करेगी।
सोशल मीडिया विवाद से शुरू हुआ था मामला
पूरा विवाद सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज और नाबालिग यूट्यूबर के बीच शुरू हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो बनाए जाने के बाद मामला लगातार चर्चा में रहा। बाद में यह विवाद जंतर-मंतर तक पहुंच गया। वहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान यूट्यूबर के पिता और स्वतंत्र भारद्वाज के बीच भी कथित तौर पर हाथापाई हुई। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई थी।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने कथित तौर पर मारपीट करने और चोट पहुंचाने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। सीजेपी और कुछ अन्य विपक्षी दलों से जुड़े लोगों ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दी। रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सोसाइटी में भी हुआ विरोध
इधर यूट्यूबर की मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब उसने अपने घर पर कथित तौर पर पथराव किए जाने की शिकायत की। इसके बाद सोसाइटी के कुछ लोगों ने उसके खिलाफ नाराजगी जाहिर की। सोसाइटी के कुछ निवासियों का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा और वीडियो को लेकर वे असहज हैं। कुछ लोगों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऐसी गतिविधियों का बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
यूट्यूबर ने पुलिस पर लगाया आरोप
अब यूट्यूबर ने दावा किया है कि पुलिस की ओर से मकान मालिक को फोन किया गया था। उसके अनुसार, पुलिस ने मकान मालिक से सवाल किया कि उन्होंने किस तरह के लोगों को मकान किराए पर दिया और किरायेदार का सत्यापन क्यों नहीं कराया गया। यूट्यूबर का आरोप है कि इसी बातचीत के बाद मकान मालिक ने रात में उसे फोन कर घर खाली करने के लिए कहा।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप की पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया विवाद से निकलकर कानूनी कार्रवाई और आवास संबंधी विवाद तक पहुंच गया है। आगे पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान से ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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