दिल्ली में पूर्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रवक्ता विजेता दहिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें पॉडकास्ट रिकॉर्डिंग के बहाने उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद बुलाया गया, जहां कुछ लोगों ने उनके हिंदू धर्म और देवी देवताओं से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल किए, धमकाया और मारपीट की। चलिए जानते है पूरा मामला …
आखिर क्या हुआ पॉडकास्ट में?
विजेता दहिया के मुताबिक, 5 अगस्त को रोहित नाम के एक व्यक्ति ने व्हाट्सऐप पर संपर्क किया और खुद को प्रिंस गौर की टीम से जुड़ा बताते हुए पॉडकास्ट में आने का न्योता दिया। दहिया ने पॉडकास्ट के सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मांगी, तो उन्हें MJ Mukeshjain नाम का इंस्टाग्राम और Shallu Nisha Podcast नाम का यूट्यूब चैनल भेजा गया. बाद में उनकी पहचान एमजे मुकेश जैन के रूप में हुई। कई दिनों के संपर्क के बाद दहिया ने पॉडकास्ट में शामिल होने की हामी भर दी।
31 अगस्त को उन्हें घर से लाने-छोड़ने की बात कही गई; करीब 3 बजे एक कैब उनके घर पहुंची और उन्हें जाफराबाद की डीडीए कॉलोनी ले गई। वहां रोहित नाम का व्यक्ति मिला, जिसने कैब चालक को पैसे दिए और कहा कि पास के पार्क में इंतजार करना होगा, क्योंकि ‘सर’ आने वाले हैं। दहिया का दावा है कि बाद में पता चला कि रोहित ही प्रिंस गौर था, जिसने शुरुआत में अपनी पहचान छिपाई थी।
प्रिन्स गौर ने किया पीछा?
दहिया के अनुसार, पार्क में पहुंचने के बाद एक व्यक्ति ने उनके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल करना शुरू किया। प्रिंस गौर ने पूछा कि वह इंस्टाग्राम पर हिंदू देवी-देवताओं को गाली क्यों देते हैं। दहिया ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि उनके पोस्ट का मकसद धर्म में सुधार और तर्क के आधार पर बात करना था, न कि अपमान करना।
जब उन्होंने वहां से जाने की कोशिश की, तो गौर ने उनका हाथ पकड़ लिया और जबरन बैठा दिया। इसी दौरान एक दूसरे व्यक्ति ने कहा कि वह फंस चुके हैं और उनके लोग जल्द पहुंचने वाले हैं। दहिया के मुताबिक, किसी तरह वह वहां से निकले और ई-रिक्शा/स्कूटर सवार से मदद मांगी, लेकिन गौर पीछा करता रहा और उन्हें धमकी दी गई कि उन्हें कई टुकड़ों में काट दिया जाएगा।
दहिया ने दावा किया कि उन्होंने एक ऑटो-रिक्शा रोका और चालक से नजदीकी मेट्रो स्टेशन ले जाने को कहा, लेकिन प्रिंस गौर भी ऑटो में बैठ गया और उनका हाथ पकड़े रहा; रास्ते में तीन लोग एक स्कूटर पर ऑटो का पीछा कर रहे थे। जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद भी उन्हें धमकियां मिलती रहीं। उन्हें लगातार व्हाट्सऐप संदेश, वॉयस नोट और दो मिस्ड कॉल आए, जिनमें कॉलर आईडी पर नाम ‘प्रिंस’ दिखा।















