Skip to main content
Samastipur News

परिसीमन बिल पर सरकार ने विपक्ष से मांगा समर्थन, राहुल गांधी बोले- ‘पहले चर्चा करे सरकार’

परिसीमन बिल को लेकर सरकार ने विपक्ष से समर्थन मांगा है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले सरकार को संसद में विस्तृत चर्चा करनी चाहिए। लोकसभा की

विज्ञापन

लोकसभा में हो रहे लगातार हंगामे के चलते सरकार और विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बीच बैठक हुई। बैठक में संसद के ठीक से चलने पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू, राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस बैठक में मौजूद रहे। इस चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि दिल्ली के प्रदर्शन में हुए लाठीचार्ज पर संसद में चर्चा कराई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि इस पूरी चर्चा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हों।

विज्ञापन

संसद की कार्यवाही पर सहमति की कोशिश

लोकसभा में लगातार हो रहे हंगामे के बीच सरकार और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच लोकसभा स्पीकर की मौजूदगी में बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सरकार के सामने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर संसद में चर्चा कराने की बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि इस मामले पर सरकार चर्चा करे और इस चर्चा में गृहमंत्री खुद शामिल हों।

विज्ञापन

FCRA और परिसीमन पर हो सकती है चर्चा?

आने वाले वक्त में FCRA बिल और परिसीमन बिल को लेकर सरकार ने विपक्ष से सहमति मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इन दोनों बिल पर समर्थन देने की बात कही। रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि इन दोनों विधेयकों पर विपक्ष की सहमति बनाई जाए, जिसको लेकर अभी राहुल गांधी की तरफ से कोई सहमति नहीं दी गई है। जानकारों की मानें तो राहुल गांधी इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष के नेताओं से बात कर सकते हैं।

परिसीमन करा सकती है सरकार?

परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार न केवल कांग्रेस, बल्कि सभी राजनीतिक पार्टियों से लगातार बात कर रही है। सरकार का मानना है कि इस विषय पर ज्यादा से ज्यादा पार्टियों की सहमति बन सके।

ये भी पढ़े: जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी के तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने आज मंजूरी दे दी, 17 साल से चल रहा था केस..