नीट पेपर लीक मामले के विवाद के बाद सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट को बनाकर जांच के आदेश दिए हैं, पर पेपर लीक मामले के पहले दिन ही सुनवाई नहीं हो सकी। नीट पेपर लीक मामले के केस को लेकर सोमवार को CBI के वकील को कोर्ट में पेश होना था, पर CBI के वकील के कोर्ट न पहुंच पाने के कारण कोर्ट को अपनी कार्यवाही को रोकना पड़ा। जिसके बाद राउज एवेन्यू कोर्ट को आदेश जारी कर कहना पड़ा कि इस मामले के लिए एक पब्लिक प्रोसिक्यूटर को नियुक्त किया जाए। जिससे आगे कि सुनवाई में कोई बाधा न आए।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली ही सुनवाई पर नहीं पहुंचे CBI के वकील

नीट पेपर लीक मामले में गड़बड़ी सामने आने के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर लगातार चल रहे, प्रदर्शनों के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रभावी कदम उठाते हुए जांच के आदेश दिए है। जिसको लेकर सोमवार को सुनवाई होनी थी। पर CBI के वकील के नहीं आ पाने के कारण कोर्ट को सोमवार होने वाली सुनवाई आगे बढ़ाना पड़ा जिसके बाद कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि आगे की सुनवाई के लिए दूसरे पब्लिक प्रोसिक्यूटर को नियुक्त किया जाए। जिससे आगे की होने वाली सुनवाई पर इसका कोई असर न पड़े। साथ ही इस मामले की सुनवाई अब 3 अगस्त होगी।

असल जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बाद सरकार लगातार एक्शन में नजर आ रही है। इस मामले को लेकर पीएम मोदी इंस्टाग्राम पर आकर शिक्षा सुधारों की बात कर चुके हैं। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किए गए वीडियो में बताया है कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कर्रवाई कर रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया है। वो जेलों में सड़ रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा हम संसद में शिक्षा को लेकर कड़े प्रावधान बनने पर काम कर रहे हैं। वहीं लोकसभा में पेश संसोधन बिल में कहा गया है कि चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना होगा। लेकिन पहले सुनवाई के समय ऐसी स्थिति को देखकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

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