CJP: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन से परेशान होकर, अब दिल्ली पुलिस ने अपने वास्तविक रूप को अपनाया है। दिल्ली पुलिस लगातार कई दिनों से वहां पर बैठे प्रदर्शनकारियों को समझाने की कवायात में लगी थी। लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नही थे। जिसके बाद पुलिस ने थोड़ा कड़ा रुख अपनाना पड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई का कारण
चश्मदीदों की माने तो मंडी हाउस मैट्रो स्टेशन पर लगातार जमा हो रही प्रदर्शनकारियों भीड़ को आगे जाने से मना किया जा रहा था। जिसके प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और सुरक्षा बलों के लगातार समझाने के बाद भी प्रदर्शनकारि मानने को तैयार नहीं थे। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेटिंग तोड़ कर आगे बढ़ने की कोशिश की तब पुलिस को मजबूरी में लाठीचार्ज करना पड़ा।
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घटना के बाद क्या हुआ
पुलिस के कार्रवाई के बाद मची भगदड़ में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस के कार्रवाई से लोग जख्मी हुए है। पर घटना स्थल पर मौजूद लोगों की मानें तो इस पूरी घटना में घायल लोग पुलिस के कार्रवाई से नहीं बल्कि कार्रवाई के बाद मची अफरा तफरी से घायल हुए है। वहीं प्रशासन का कहना है कि हम शान्ती व्यवस्था बनाए रखने की बात कर रहे थे। जिसके बाद कार्रवाई की गई है।
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CJP के प्रोटेस्ट से लोगों को हो रही है दिक्कत
बीते करीब 20 दिनों से चल रहे प्रदर्शन के चलते दिल्ली में रहने वाले लोगों को लगातार दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। वहां पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को आने जाने के लिए दोगूना सफर करना पड़ रहा है। प्रोटेस्ट के चलते कई मैट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा है। लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। कई सड़क मार्गों को बदलना पड़ा। जिसके चलते रोज कमा कर खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर करीब 5000 से 8000 के बीच निजी गाड़िया बसे और वाहनों को जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है कि क्या अपने अधिकारों की बात करने वाले ये आन्दोलन कारी उन गरीब लोगों के बारे में क्यो नही सोच रहे हैं।
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