पेपर लीक मामले को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने बताया है कि सरकार नंदन नीलेकणि को सरकार के इस नए कामकाज कि जिम्मेदारी सौंपी है। नंदन निलेकणि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के एक्सपर्ट माने जाते हैं।
पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी लगातार इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। पीएम मोदी आज एक बार फिर इंस्टाग्राम पर आकर अपना मैसेज युवाओं को दिया। मोदी ने बताया कि सरकार लगातार शिक्षा को लेकर जरूरी कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य से खेलने का काम किया है।
उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आगे उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले को लेकर लगातार कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने आगे बताया कि सरकार इस मामले को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुकी है। संसद में सख्त कानून और और कड़े प्रावधान लाने पर बात को आगे बढ़ा रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि
‘पीएम मोदी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा है कि हमारी पद्धति को भरोसेमंद, पारदर्शी और एड़वांस होना चाहिए। इन सब बातों पर ध्यान रखते नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में सरकार ने हाई पावर टास्क गठित किया है। बहुत बहुत धन्यवाद।’
कौन होंगे कमेटी के दिग्गज
ये कमेटी आने वाले वक्त में सरकार के साथ मिलकर विशेषज्ञों की एक टीम बनाएगी। और परीक्षा करने की तकनीकों और राष्ट्रिय सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाएगी।
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नंदन नीलेकणि तकनीक मामलों के जानकार
एस सोमनाथ, इसरो के पूर्व प्रमुख
तपन डेका, पूर्व आईबी निदेशक
वी कामकोटि निदेशक, आईआईटी मद्रास
अनिता करवाल , पूर्व शिक्षा सचिव
अमृत लाल मीणा, रसद और प्रबंधक
कौन हैं मिस्टर नंदन नीलकेणि
नंदन निलेकणि का जन्म 1955 को कर्नाटक के बेंगलुरु में हुआ था। उनका पूरा नाम नंदन मोहनराव निलेकणि है। आईआईटी बॉम्बे से ग्रेजुएट है। वे Infosys के सह-संस्थापकों में से एक हैं और भारत की आधार (UIDAI) परियोजना के शुरुआती अध्यक्ष भी रह चुके हैं।







