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Samastipur News

Defence Export: भारत ने रचा इतिहास, ₹38,000 करोड़ पार

भारत ने 2025-26 में Defence Export में नया रिकॉर्ड बनाया

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Defence Export: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साल 2025-26 में देश का डिफेंस एक्सपोर्ट ₹38,424 करोड़ के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा न सिर्फ भारत की बढ़ती ताकत को दिखाता है, बल्कि वैश्विक बाजार में उसकी मजबूत पकड़ का भी संकेत देता है। पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र तेजी से उभरा है और 2016-17 की तुलना में इसमें लगभग 25 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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Defence Export: रक्षा निर्यात में ऐतिहासिक उछाल, क्या हैं इसके मायने

भारत के रक्षा निर्यात में यह तेज वृद्धि अचानक नहीं आई है। इसके पीछे सरकार की कई योजनाएं और नीतियां काम कर रही हैं। खासतौर पर “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया है।अब भारत सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लिए भी रक्षा उपकरण तैयार कर रहा है। इसमें हथियार, मिसाइल सिस्टम, निगरानी उपकरण और सैन्य तकनीक शामिल हैं।

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इस वृद्धि का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत अब वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनता जा रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही, स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती पकड़ और भविष्य की दिशा

Defence Export: भारत का यह प्रदर्शन दिखाता है कि आने वाले समय में वह रक्षा निर्यात के क्षेत्र में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। कई देशों ने भारतीय रक्षा उत्पादों में रुचि दिखाई है, जिससे निर्यात के नए रास्ते खुल रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही गति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के टॉप डिफेंस एक्सपोर्टर्स में शामिल हो सकता है।

इसके साथ ही, सरकार लगातार नई नीतियां और सुधार लागू कर रही है, जिससे इस सेक्टर को और मजबूत बनाया जा सके।एवरग्रीन नजरिए से देखें तो यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह भारत की रणनीतिक सोच, तकनीकी क्षमता और वैश्विक पहचान को भी दर्शाता है।

भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की बदलती ताकत का संकेत है। यह दिखाता है कि सही नीतियों और लगातार प्रयासों से कोई भी क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

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Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|

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