Skip to main content
Samastipur News

America-Iran: तनाव के बीच तेल की कीमतों में गिरावट

America-Iran: तनाव के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अब आगे की बातचीत पर है।

विज्ञापन

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एक बड़ा आर्थिक असर देखने को मिला है। America के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर संभावित हमलों को टालने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कच्चे तेल के वायदा भाव में 15% से ज्यादा की कमी दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल देखने को मिला।

खबर सुनें
विज्ञापन

America-Iran: हमले की धमकी टलने से बाजार में राहत

Donald Trump ने हाल ही में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिसमें पुल, पावर प्लांट और अन्य अहम ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। लेकिन अब इस कदम को फिलहाल रोक दिया गया है।यह फैसला इस शर्त पर लिया गया है कि ईरान दो हफ्तों के संघर्ष विराम के लिए तैयार हो और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को फिर से खोलने पर सहमति जताए।

विज्ञापन

इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिली। तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे ऊर्जा लागत कम होने की उम्मीद बढ़ी है। वहीं, शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और स्टॉक फ्यूचर्स में तेजी आई।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के भू-राजनीतिक फैसलों का सीधा असर बाजारों पर पड़ता है, क्योंकि इससे सप्लाई चेन और व्यापार पर प्रभाव पड़ता है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और आगे की संभावनाएं

तेल की कीमतों में गिरावट का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। कम कीमतों का मतलब है कि ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत घट सकती है, जिससे कई सेक्टर्स को राहत मिलती है।हालांकि, यह स्थिति स्थायी नहीं है। अगर आने वाले दिनों में तनाव फिर बढ़ता है या कोई नई घोषणा होती है, तो बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

एवरग्रीन नजरिए से देखें तो वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था हमेशा एक-दूसरे से जुड़ी रहती हैं। खासकर तेल जैसे संसाधन, जिन पर कई देशों की निर्भरता होती है, उनके दाम में बदलाव का असर हर स्तर पर दिखता है।इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों का खुला रहना वैश्विक व्यापार के लिए बेहद जरूरी है। यहां किसी भी तरह की बाधा से सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल बाजार में राहत का माहौल है, लेकिन स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं कही जा सकती। आने वाले दिनों में दोनों देशों के फैसले वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे।

यह भी पढ़ें- जंग के बीच भी नहीं रुकी भारत की रफ्तार! Hormuz Strait से गुजरते जहाजों ने दिखाया दम

Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|

और भी पढ़ें

परिसीमन बिल पर सरकार ने विपक्ष से मांगा समर्थन, राहुल गांधी बोले- ‘पहले चर्चा करे सरकार’

जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर छात्रों को किया माफ-कहा “बच्चों को गलतियां सुधारने का मौका मिलना चाहिए”…

सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने गृहमंत्री पर साधा निशाना कहा- अमित शाह दे इस्तीफा…

सीजेपी पोटेस्ट में घायल पुलिसवालों के परिवार ने सुनाई आप बीती, ‘बेटी ने कहा पापा को बताया क्रिमिनल…’

जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी के तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने आज मंजूरी दे दी, 17 साल से चल रहा था केस..

राहुल गांधी ने गृहमंत्री पर लगाया आरोप, कहा पेलेट गन चलाने का आदेश गृहमंत्री ने दिया था.

होम
ई-पेपरGoogleतस्वीरें