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Samastipur News

बिहार में सरकारी दफ्तर से शराब की बड़ी खेप बरामद, मुखिया पति समेत 7 की गिरफ्तारी से सनसनी

बिहार में सरकारी दफ्तर से शराब की बड़ी खेप बरामद, मुखिया पति समेत 7 की गिरफ्तारी से सनसनी

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बिहार में शराबबंदी कानून 2016 लागू होने के बावजूद, सरकारी दफ्तर में शराब मिलने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर शराब कांड के तहत, मद्य निषेध विभाग ने छापेमारी में शराब बरामद की और 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक चिंतामनपुर पंचायत की मुखिया के पति मोती राम भी शामिल हैं। यह घटना बिहार में अवैध शराब कारोबार और शराबबंदी का उल्लंघन का ताजा उदाहरण है।

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सरकारी कार्यालय में शराब की खेप बरामद (Liquor consignment recovered from government office)

मद्य निषेध विभाग ने बिहार में अवैध शराब के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के तहत, मुजफ्फरपुर जिले के पारू इलाके में एक सरकारी कार्यालय में शराब की 135 बोतलें बरामद कीं। इस शराब की तस्करी बिहार में शराबबंदी के बावजूद हो रही है। विभाग के अधिकारी शिवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह छापेमारी की गई।

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मुखिया के पति और 6 अन्य लोग गिरफ्तार (Mukhiya’s husband and 6 others arrested

जांच के दौरान यह पाया गया कि शराब की इस खेप से मुखिया के पति मोती राम और गांव के 6 अन्य लोग जुड़े हुए थे। राज्य के मद्य निषेध अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की यह खेप कहां से आई और इसका मकसद क्या था।

बिहार शराबबंदी कानून के बावजूद शराब तस्करी जारी (Liquor smuggling continues despite Bihar liquor ban law)

बिहार में शराबबंदी कानून 2016 के तहत, राज्य में शराब का उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इसके बावजूद, राज्य में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी और अवैध शराब कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि बिहार शराबबंदी के बाद भी शराब की तस्करी बिहार में जारी है।

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Ritu Sharma
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