Bihar Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पहले ही न्यायिक आयोग का गठन कर जांच शुरू करा दी है।
Bihar Encounter: भरत तिवारी मामले में सरकार ने दोहराया सख्त रुख
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजपुर में हुई घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य के सर्वोच्च स्तर पर न्यायिक आयोग का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने देना है। वहीं यदि जांच में किसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है और कानून सभी के लिए समान है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों को चेतावनी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक किसी विभाग में शिकायत दर्ज कराता है और दस दिनों तक कार्रवाई नहीं होती, तो ग्यारहवें दिन संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि 26वें दिन अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी यदि कार्रवाई नहीं हुई तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी किया जाएगा। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो और प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करे।
सहयोग शिविर और स्वतंत्रता सेनानियों पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए गए सहयोग शिविर के माध्यम से करीब 1200 स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें कई ऐसे लोग भी हैं जिनके पास स्वतंत्रता सेनानी होने के पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों की भी जांच कर रही है ताकि पात्र लोगों को सम्मान और पेंशन का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी के साथ अन्याय न हो। आपको बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच फिलहाल न्यायिक आयोग के स्तर पर जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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