Bharat Tiwari: मामले में CBI जांच की मांग खारिज, हाईकोर्ट जाने को कहा
Bharat Tiwari मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर हाईकोर्ट जाने को कहा। आसाराम मामले में राजस्थान सरकार से जवाब भी तलब किया।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भोजपुर के भरत भूषण तिवारी (Bharat Tiwari) की कथित न्यायेतर हत्या की स्वतंत्र जांच कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने की छूट दी है। जानकारी के मुताबिक याचिका में सीबीआई जांच की मांग की गई थी। इसी सुनवाई के दौरान अदालत ने आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से भी जवाब तलब किया।
Bharat Tiwari: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का रास्ता दिखाया, जांच पर बहस तेज
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने स्पष्ट कहा कि इस मामले की सुनवाई शीर्ष अदालत में नहीं होगी। याचिकाकर्ता चाहे तो पटना हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। अधिवक्ता विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दाखिल कर भरत भूषण तिवारी की मौत की सीबीआई या स्वतंत्र जांच समिति से जांच कराने की मांग की थी।
याचिका में कहा गया कि पुलिस किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में दंड देने वाली संस्था नहीं हो सकती। यह अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है। याचिका में हाल के वर्षों में कथित न्यायेतर हत्याओं की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। साथ ही 2014 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया। बिहार सरकार पहले ही इस घटना की न्यायिक जांच की घोषणा कर चुकी है।
पुलिस और परिवार के दावे अलग, आसाराम मामले में भी सुनवाई
भरत भूषण तिवारी की मौत 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुई थी। परिवार का दावा है कि उन्होंने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने गोली चला दी। दूसरी ओर बिहार पुलिस का कहना है कि तिवारी ने पहले पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई।












