Bihar Assistant Professor बिहार के विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। नए ड्राफ्ट के अनुसार अब केवल NET, BET या PhD की योग्यता से नियुक्ति नहीं होगी। जानकारी के मुताबिक सभी योग्य अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। अंतिम नियम सभी विश्वविद्यालयों से सुझाव मिलने के बाद जारी किए जाएंगे।

Bihar Assistant Professor लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर बनेगी मेरिट

नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में स्थायी और अस्थायी नियुक्तियों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। स्थायी पदों के लिए कुल 175 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। इसमें सामान्य ज्ञान, विषय ज्ञान, रीजनिंग और एप्टीट्यूड से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को 25 अंकों के इंटरव्यू में शामिल होना होगा।

इंटरव्यू के पहले चरण में शिक्षण क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। दूसरे चरण में विषय और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। डॉ. अखिलेश कुमार के अनुसार इस नई व्यवस्था का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाना है। हालांकि अंतिम नियम सभी सुझावों पर विचार करने के बाद ही लागू होंगे।

योग्यता, आयु सीमा और ड्राफ्ट पर मांगे गए सुझाव

असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी होगा। इसके साथ NET, BET या PhD में से किसी एक योग्यता का होना अनिवार्य रहेगा। प्रस्तावित ड्राफ्ट में न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष तय की गई है। हालांकि इस आयु सीमा को लेकर सवाल भी उठे हैं।

डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि बिहार में नियमित भर्ती नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थी उम्र सीमा से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने पर विचार करने की बात कही है। फिलहाल राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से दस दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए हैं। वर्ष 2025 के पुराने ड्राफ्ट को वापस लिया जा चुका है। सुझाव मिलने के बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे।

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