SD Sanjay: बिहार सरकार ने राज्य को नया महाधिवक्ता दे दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदर्शी संजय को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशांत कुमार शाही के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को राज्य की कानूनी व्यवस्था के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

SD Sanjay: पीके शाही के इस्तीफे के बाद हुआ नया नियुक्ति आदेश

जानकारी के मुताबिक, बिहार के पूर्व महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य सरकार नए नाम की तलाश में थी। आखिरकार वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदर्शी संजय को इस पद के लिए चुना गया। विधि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है।

सरकार का मानना है कि लंबे कानूनी अनुभव के कारण वे इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे। महाधिवक्ता राज्य सरकार के प्रमुख कानूनी सलाहकार होते हैं। सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में उनकी राय और अदालतों में उनका पक्ष काफी अहम माना जाता है। ऐसे में यह नियुक्ति प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कौन हैं सत्यदर्शी संजय, जानिए उनका कानूनी सफर

आपको बता दें कि सत्यदर्शी संजय बिहार के जाने-माने विधि विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 1984 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव और उल्लेखनीय कार्यों के कारण पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया था।

उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में अदालत के सामने प्रभावी पैरवी की है। इसके अलावा वे बिहार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कानूनी मामलों की गहरी समझ और अनुभव के कारण उन्हें राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।

केंद्र सरकार में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका

सत्यदर्शी संजय का अनुभव केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा है। वर्ष 2024 में केंद्र सरकार ने उन्हें अपर महाधिवक्ता नियुक्त किया था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में केंद्र सरकार का पक्ष रखा। कानूनी क्षेत्र में उनकी पहचान एक अनुभवी और प्रभावशाली अधिवक्ता के रूप में रही है। यही वजह है कि अब उन्हें बिहार सरकार का प्रमुख कानूनी सलाहकार बनाया गया है।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ प्रशासन और न्यायिक मामलों में मिलेगा। आने वाले दिनों में वे राज्य सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में अपनी भूमिका निभाते नजर आएंगे। अगर आप बिहार की राजनीति और प्रशासनिक नियुक्तियों पर नजर रखते हैं, तो यह बदलाव राज्य की कानूनी व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा सकता है।

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