Bihar New Township Project: बिहार सरकार राज्य में 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के साथ जमीन अधिग्रहण और खरीद से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और किसानों को पहले से अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। चौगुना मुआवजा और विकसित जमीन वापस देने जैसी सुविधाएं इस योजना को खास बना रही हैं।

Bihar New Township Project: नई नीति से जमीन खरीद की प्रक्रिया होगी आसान

जानकारी के मुताबिक, पहले जिन इलाकों में टाउनशिप प्रस्तावित थी वहां जमीन की खरीद-बिक्री पर कई तरह की सीमाएं थीं। इससे किसानों और जमीन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार राज्य आवास बोर्ड और सरकारी विभाग जरूरत के अनुसार जमीन खरीद सकेंगे।

सरकार से मंजूरी प्राप्त निजी कंपनियां भी किसानों से जमीन खरीद या लीज पर ले सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही किसानों को अपनी जमीन का बेहतर मूल्य मिलने का रास्ता खुलेगा। नई नीति का उद्देश्य विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाना है।

अधिकारियों का कहना है कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भूमि उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती होती है। नई व्यवस्था इस चुनौती को कम करने में मदद करेगी।

किसानों को मिलेगा चौगुना मुआवजा और अतिरिक्त लाभ

सरकार ने इस योजना में किसानों के हितों को प्राथमिकता देने का दावा किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण होने पर किसानों को बाजार मूल्य या सर्किल रेट में जो भी अधिक होगा, उसके चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जमीन के लिए दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान रखा गया है।

इसके अलावा कुल मुआवजा राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे विकास प्रक्रिया में भागीदार बन सकेंगे। कई किसानों के लिए यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्हें अपनी जमीन का मूल्य पहले की तुलना में कहीं अधिक मिलने की संभावना है।