18 सितंबर 2025, Modi 75th Birthday: अभी हाल ही में यूरोपियन यूनियन (EU) ने भारत के साथ एक नई रणनीतिक साझेदारी ढांचे की घोषणा की है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नया मोड़ आ गया है। यह पहल अब सिर्फ रणनीति या समझौते तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत नींव है जिसमें सुरक्षा, व्यापार, और तकनीक के साथ-साथ वैश्विक मुद्दे भी शामिल हैं।

साझा हितों पर आधारित है नई रणनीति

यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डार लेयेन ने इस नए रणनीतिक सहयोग को भारत के लिए खास बताया। उनका कहना है कि “अब समय है भरोसेमंद पार्टनर्स पर ध्यान देने का और उन साझेदारियों को मजबूत करने का जो आपसी हितों और साझा मूल्यों पर आधारित हो।” इस फ्रेमवर्क में सुरक्षा-रक्षा, वैश्विक मामलों, समृद्धि, स्थिरता, और तकनीकी नवाचार को पांच अहम क्षेत्रों के रूप में चुना गया है।

इस सहयोग का मतलब यह है कि अब भारत और ईयू मिलकर साइबर-सुरक्षा, मैरीटाइम सिक्योरिटी, और आतंकवाद-निरोध जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर एकजुट होकर काम करेंगे। इसके अलावा, डिजिटल इनोवेशन, ग्रीन एनर्जी, और स्टार्टअप पार्टनरशिप कई नई संभावनाएं खोल रही हैं।

व्यापार समझौते को मिली तेज रफ्तार

इस साझेदारी के साथ भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की बातचीत भी तेज हो गई है। दोनों ओर से घोषणा की गई है कि ये समझौता दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाएगा। इस समय व्यापारिक संबंध मजबूत हैं—साल 2024 में भारत और ईयू के बीच व्यापार 120 अरब यूरो तक पहुंच गया। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन चुका है और दोनों तरफ से निवेश को खुला रखने पर सहमति बनी है।