नीट पेपर लीक मामले पर सरकार के साथ चल रही बातचीत पर सहमति बन गयी है। सरकार ने सीजेपी सभी बातों का मान लिया है। सीजेपी अपनी प्रमुख मांगो के साथ बीजेपी सरकार के सामने थी। जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों को मुआवजा, पेपर लीक करने वाले अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो। समेंत 5 मांग को रखा गया था। सरकार के साथ सभी पर सहमति बनने के बाद सीजेपी ने प्रदर्शन को दिल्ली के जंतर मंतर से वापस लेने का आदेश दे दिया है।

सरकार के सहमती

नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के साथ 3 दौर के बातचीत के बाद सीजेपी और सरकार के बीच सहमति बन गयी है। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह के साथ की गई बातचीत में कहा गया कि सरकार सीजेपी के सभी मांगो को मानने को तैयार है। जिसके बाद 3 दौर के बातचीत पर सरकार ने सभी मांगो को मान कर सहमति दे दी है। सीजेपी ने भी प्रदर्शन वापस लेने का फैसला कर दिया है।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सीजेपी अब इस प्रदर्शन को समाप्त कर रही है। साथ ही कहा कि उम्मीद है सरकार सभी मांगो को तय समय सीमा के अंदर पूरा करेगी। सौरव दास ने बताया कि प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे को सरकार वापस लेगी। उन्होंने बताया ये फैसला सिर्फ दिल्ली में नहीं बल्कि भाजपा शासित सभी प्रदेशों में लागू होगा। ये बात सिर्फ आयोजकों तक नहीं बल्कि सभी प्रदर्शनकारियों के लिए है।

शिक्षा सुधारो पर काम होगा

शिक्षा मामले को लेकर सीजेपी ने सरकार के सामने एक चार्टर रखा जिसमें उन्होंने शिक्षा सुधार कि बात को आगे बढ़ाया है। इस चार्टर को सरकार अध्ययन कर सीजेपी के साथ बैठक कर बदलाव करेगी।

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