स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस सड़क पर सफर करना खतरनाक हो गया है, और कई बार वाहन असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। बारिश के दौरान सड़क का प्रयोग पूरी तरह से बंद हो जाता है। यह सड़क औरा, डुमरा, रामनगर, पटसा, हसनपुर गांव, और आतापुर जैसे गाँवों को एक-दूसरे से जोड़ती है। इसके जरिए लोग प्रखंड मुख्यालय हसनपुर और रोसड़ा अनुमंडल तक पहुंच सकते हैं।

क्षेत्र के लोगों की मांग है कि विभागीय अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लें और अर्धनिर्मित सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाएं। इससे न केवल सड़क निर्माण का उद्देश्य पूरा होगा, बल्कि आम लोगों को आवागमन की सुविधा भी मिलेगी।

सड़क के साथ-साथ औरा गांव के पास एक उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इस पुल के लिए डायवर्सन का निर्माण आवश्यक है, लेकिन डायवर्सन के नाम पर केवल मिट्टीकरण किया गया है, और सोलिंग का कार्य अधूरा है। हसनपुर से औरा तक बनने वाली सड़क को इस डायवर्सन से जोड़ा जाएगा।

हालांकि, वर्तमान में सड़क का निर्माण ठप है, और डायवर्सन का काम भी अधूरा पड़ा हुआ है। इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुल निर्माण कार्य शुरू करने से पहले डायवर्सन का निर्माण पूरा होना चाहिए था, लेकिन संवेदक ने इसे नजरअंदाज किया है।

इसलिए, हसनपुर से औरा तक सड़क निर्माण की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक है कि संबंधित विभाग शीघ्र ही कार्रवाई करें, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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