Samastipur जिले के शिवाजी नगर प्रखंड स्थित बल्लीपुर पंचायत में श्री श्री 1008 नवग्रह मूर्ति स्थापना सह नवग्रह शांति महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस यात्रा में 251 कुंवारी कन्याओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया। करीब आठ किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष और वैदिक मंत्रों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

Samastipur: आठ किलोमीटर की पदयात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जानकारी के मुताबिक, कलश यात्रा की शुरुआत गलगल चौक स्थित मुरली मनोहर मंदिर परिसर से हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालु नरसिंहा चौक, डुमरा मोहन चौक, बहादुरपुर और हबका होते हुए करेह नदी के बरियाही घाट पहुंचे। यहां विद्वान पंडितों ने वैदिक विधि-विधान के साथ कलशों में पवित्र जल भरवाया।

इसके बाद श्रद्धालु वापस यज्ञ स्थल पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई गांवों के लोगों ने रास्ते में श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। लाल और पीले वस्त्रों में सजी महिलाएं आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। जय श्रीराम, हर-हर महादेव और नवग्रह देवता के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। धार्मिक माहौल के बीच यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

वैदिक मंत्रों के बीच शुरू हुआ नवग्रह शांति महायज्ञ

जल भरने के बाद यज्ञ मंडप में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। महायज्ञ के मुख्य जजमान श्री श्री 108 महंत सदानंद दास जी महाराज और सहायक जजमान हेमंत कुमार चौधरी अपनी धर्मपत्नी के साथ अनुष्ठान में शामिल हुए। यज्ञ आचार्य पंडित धीरज कांत झा के नेतृत्व में हवन, पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर आसपास के 11 गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी और यज्ञ समिति के सदस्य मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को मजबूत करना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

27 जून तक लगेगा मेला, 101 मूर्तियां होंगी आकर्षण का केंद्र