Bihar Electric Vehicle Policy: बिहार में हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। समस्तीपुर जिले में चार नए सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम, आरसीडी, आरडब्ल्यूडी और बीएसआरटीसी ने इसके लिए स्थानों का चयन कर लिया है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

Bihar Electric Vehicle Policy: समस्तीपुर के चार प्रमुख स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

जानकारी के मुताबिक, जिले के चार व्यस्त इलाकों को पहले चरण में चुना गया है। इनमें समस्तीपुर शहर का लक्ष्मी टाकीज क्षेत्र, कल्याणपुर चौक, रोसड़ा का खोकसाहा चौक और दलसिंहसराय का कमरांव शामिल हैं। इन स्थानों का चयन यातायात, पहुंच और उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया गया है। अब बिजली कंपनी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

रिपोर्ट में बिजली उपलब्धता, तकनीकी जरूरत और निर्माण लागत का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन चार्जिंग केंद्रों के शुरू होने से जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को नई गति मिलेगी।

पीएम ई-ड्राइव योजना से मिलेगा बड़ा लाभ

यह परियोजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करना है।जिला परिवहन पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि चारों स्थलों का चयन पूरा हो चुका है। विभागीय रिपोर्ट जल्द मुख्यालय को भेजी जाएगी।

योजना के लागू होने के बाद निजी इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को काफी सुविधा मिलेगी।भविष्य में सरकारी इलेक्ट्रिक बसों और ई-रिक्शा जैसे वाहनों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे जिले में स्वच्छ और कम खर्चीली परिवहन व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।सरकार का लक्ष्य पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करना है। चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए अधिक उत्साहित होंगे।

पर्यावरण संरक्षण और ईंधन खर्च में मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग स्टेशनों की कमी इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में सबसे बड़ी बाधा रही है। सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र शुरू होने के बाद लोगों का भरोसा बढ़ेगा। विभागीय योजना के अनुसार प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन लगभग 1000 वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

यहां एक साथ कई दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों को फास्ट चार्ज करने की सुविधा होगी।सभी केंद्र ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां वाहनों की आवाजाही आसान रहे। इससे यात्रियों और वाहन मालिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण के साथ ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

अगर आप भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह पहल आपके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से यात्रा अधिक सुविधाजनक और किफायती बनेगी।

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