Patna-Muzaffarpur: बिहार में तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा संकेत मिला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय कम करने की योजना पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पटना से मुजफ्फरपुर, गया, राजगीर और बेगूसराय जैसे शहरों तक पहुंचने का समय 40 मिनट से भी कम किया जा सकता है। इसके लिए मेट्रो, सड़क और रैपिड रेल नेटवर्क पर विचार किया जा रहा है।
Patna-Muzaffarpur: रैपिड रेल से बदल सकती है बिहार की यात्रा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे लगते हैं। वहीं गया तक की यात्रा में भी एक घंटे से अधिक समय लगता है। सरकार का लक्ष्य इन प्रमुख मार्गों पर यात्रा समय को काफी कम करना है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चल रही नमो भारत ट्रेन की सफलता के बाद बिहार भी ऐसी व्यवस्था पर विचार कर रहा है।
यह ट्रेन कम समय में लंबी दूरी तय करने में सक्षम है। नियमित अंतराल पर सेवा मिलने से यात्रियों को भी सुविधा होती है। बिहार के कई शहरों के बीच अभी सीधी और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सीमित है। ऐसे में लोग बस, ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भर रहते हैं। यदि रैपिड रेल परियोजना आगे बढ़ती है तो लाखों यात्रियों को समय और खर्च दोनों में राहत मिल सकती है।
निवेश और बुनियादी ढांचे पर सरकार का बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार को विकास की प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से उद्योग, व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी दिशा में सरकार बड़े निवेश आकर्षित करने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने नवंबर 2026 तक लगभग पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य भी रखा है। उनका मानना है कि बेहतर सड़क, रेल और शहरी परिवहन नेटवर्क निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय कम होता है तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इससे क्षेत्रीय विकास को भी गति मिल सकती है। आपको बता दें कि फिलहाल यह योजना प्रारंभिक विचार के स्तर पर है। आने वाले समय में परियोजना की रूपरेखा और संभावित मार्गों को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है। ऐसे में राज्य के लोगों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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