Darbhanga कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता पथ निर्माण विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने की। बैठक में विकास योजनाओं, सड़क निर्माण, बाढ़ तैयारी, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

Darbhanga मंत्री ने अधिकारियों को दिया विकास तेज करने का निर्देश

बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले को राज्य का सबसे बेहतर जिला बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने की बात कही। मंत्री ने जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक को विभागवार जिम्मेदारियां स्पष्ट करने का निर्देश दिया। सड़क निर्माण में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करने और अभियंताओं को नियमित क्षेत्र निरीक्षण करने के लिए कहा गया।

पुलिस अधिकारियों को थाना स्तर पर औचक निरीक्षण बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में विकास योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी को जिले के समग्र विकास का रोडमैप तैयार कर उसे जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

सड़क, पेयजल, बाढ़ और स्वास्थ्य पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में पंचायत सरकार भवनों के संचालन, मनरेगा योजनाओं और बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था पर चर्चा हुई। सभी पंचायत भवनों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पेयजल व्यवस्था को लेकर विभिन्न क्षेत्रों की जलमीनारों की सफाई और लंबित जलापूर्ति योजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने कृषि फीडर चालू करने, जर्जर सड़कों की मरम्मत और आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने जैसे मुद्दे उठाए।

सांसदों और विधायकों ने तालाब संरक्षण, जल संचयन, सड़क परियोजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर सुझाव दिए। दरभंगा एम्स निर्माण में तेजी लाने और डीएमसीएच की सेवाओं को मजबूत करने की मांग भी उठी। बैठक के दौरान संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रत्येक अंचल में अतिरिक्त पॉलीथीन शीट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

साथ ही हालिया नाव हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई। आपको बता दें कि प्रशासनिक बैठकों में लिए गए फैसलों का असर तभी दिखाई देगा जब योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय पर और पारदर्शी तरीके से हो। आम लोगों को भी विकास कार्यों की जानकारी रखते हुए अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए।

यह भी पढ़ें- Darbhanga Airport: दरभंगा को मिला बड़ा तोहफा, सीएम सम्राट चौधरी बोले- जल्द शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें