बिहार की नई सरकार में विभागों का बंटवारा सामने आ गया है। Bihar CM, Samrat Choudhary के नेतृत्व में बनी सरकार ने साफ कर दिया है कि सत्ता की कमान किसके हाथ में रहेगी। सम्राट चौधरी ने कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं, जो इस बात का संकेत है कि फैसलों पर सीधा नियंत्रण मुख्यमंत्री के पास रहेगा।

CM सम्राट के पास क्यों सबसे ज्यादा विभाग?

नई कैबिनेट सूची के मुताबिक, CM सम्राट चौधरी ने कई अहम विभाग अपने पास रखे हैं। इनमें गृह, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, कृषि, पथ निर्माण, नगर विकास, उद्योग और आपदा प्रबंधन जैसे बड़े विभाग शामिल हैं।इतने विभाग एक ही नेता के पास होना बिहार की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे यह साफ होता है कि सरकार के बड़े फैसले सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर लिए जाएंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मॉडल तेज फैसले लेने और योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इससे काम का बोझ भी बढ़ेगा, जिसे संभालना एक चुनौती हो सकता है।

डिप्टी CM और मंत्रियों को क्या मिला?

कैबिनेट बंटवारे में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को भी अहम विभाग दिए गए हैं।इन दोनों नेताओं को प्रशासनिक और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे गए हैं, जिससे सरकार के कामकाज में संतुलन बना रहे।अन्य मंत्रियों को भी उनके अनुभव और राजनीतिक समीकरण के आधार पर जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह बंटवारा सिर्फ पदों का नहीं, बल्कि सरकार के काम करने के तरीके को भी तय करता है।