15 अप्रैल 2026 को बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। राज्य में नई सरकार का गठन हुआ और सत्ता की कमान पूरी तरह बदल गई। Bihar CM, Samrat Choudhary के इर्द-गिर्द घूमती इस सियासी कहानी में अब नया अध्याय जुड़ चुका है। बीजेपी के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया है। यह बदलाव सिर्फ चेहरे का नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों के नए संतुलन का संकेत भी है।
सत्ता बदलते ही बदला Bihar का राजनीतिक मॉडल
बिहार में इस बार सरकार का ढांचा पहले से अलग नजर आ रहा है। जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब बीजेपी के दो डिप्टी सीएम हुआ करते थे। लेकिन अब समीकरण पलट गया है। बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी और जेडीयू को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी गई। यह बदलाव सिर्फ गठबंधन की मजबूरी नहीं बल्कि रणनीतिक संतुलन का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले के जरिए दोनों दलों के बीच शक्ति संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
नई सरकार का यह मॉडल आने वाले समय में बिहार की राजनीति के लिए एक ट्रेंड सेट कर सकता है। खासतौर पर ऐसे दौर में जब गठबंधन सरकारें लगातार बदलते समीकरणों के बीच काम कर रही हैं। यह फैसला दर्शाता है कि अनुभव और भरोसे को प्राथमिकता दी जा रही है।
कौन हैं विजेंद्र यादव: कोसी से सत्ता के केंद्र तक का सफर
विजेंद्र यादव बिहार की राजनीति का एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी है। 1990 में राजनीति में कदम रखने वाले विजेंद्र यादव कोसी क्षेत्र से एक मजबूत नेता के रूप में उभरे। उन्होंने जनता दल से अपनी शुरुआत की और पहली बार सुपौल से विधायक बने। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। हर सरकार में मंत्री रहना उनकी राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है।






















