गया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Maithili Thakur ने कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने ‘चार बच्चे’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि आज के दौर में सिर्फ धार्मिक या सामाजिक मुद्दों से काम नहीं चलेगा, बल्कि विकास और रोजगार भी उतना ही जरूरी है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
Maithili Thakur बयान पर प्रतिक्रिया: विकास बनाम निजी निर्णय की बहस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब Dhirendra Krishna Shastri के ‘चार बच्चे’ वाले बयान पर सवाल किया गया, तो विधायक ने इसे व्यक्तिगत फैसला बताया। उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़े निर्णय हर व्यक्ति अपने हालात और प्राथमिकताओं के आधार पर लेता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज का युवा रोजगार, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को ज्यादा महत्व देता है।
केवल नारों से अब काम नहीं चलता। उनके अनुसार, समाज और धर्म अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आर्थिक और सामाजिक विकास के बिना संतुलन संभव नहीं है।यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि देशभर में युवाओं की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं और वे ठोस नीतियों की मांग कर रहे हैं।
महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर सख्त रुख
विधायक ने इस दौरान Pappu Yadav के बयान पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि परिवार के समर्थन से उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उनका मानना है कि हर परिवार अपने मूल्यों के अनुसार निर्णय लेता है और इसे लेकर टिप्पणी करना गलत है।
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इसके साथ ही उन्होंने Nari Shakti Vandan Adhiniyam का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डाल रहा है। बंगाल की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वहां की महिलाएं अब बदलाव चाहती हैं और सुरक्षा व विकास को प्राथमिकता दे रही हैं। इस पूरे बयान से साफ है कि अब राजनीति में केवल भावनात्मक मुद्दे नहीं, बल्कि विकास और रोजगार भी अहम हो चुके हैं। आने वाले समय में यही संतुलन राजनीतिक विमर्श को दिशा देगा।







