Bihar Cabinet: बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई। इस बैठक में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कृषि, सिंचाई, जलापूर्ति, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य समेत कई विभागों से जुड़े फैसलों पर सरकार ने मुहर लगाई। इन निर्णयों का असर किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों में रहने वाले लोगों पर पड़ने की उम्मीद है।
Bihar Cabinet किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं
कैबिनेट बैठक में किसानों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गोपालगंज जिले की बंद चीनी मिल से जुड़े गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए 42.99 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी बिहार में दोबारा लागू करने का फैसला किया है। यह योजना खरीफ 2026 से प्रभावी होगी। इसके तहत प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए भी बड़ी राशि मंजूर की गई है। उचकागांव और सदर प्रखंड की योजनाओं पर 251.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे हजारों परिवारों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों और तटबंधों को मजबूत करने के लिए भी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
शहरी विकास और परिवहन क्षेत्र में भी अहम निर्णय
बैठक में कई शहरी परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली। किशनगंज में जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क के लिए 101.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बोधगया जलापूर्ति परियोजना के लिए 131.88 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इसके अलावा शहरी परिवर्तन मिशन के तहत जलापूर्ति और सीवरेज संयंत्र निर्माण पर 375.86 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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सरकार ने एक अन्य शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 127.45 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। परिवहन विभाग से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वाहन संचालन की प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी मिली।
वहीं सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग नीति के कुछ प्रावधानों में भी ढील देने का निर्णय लिया गया है। आपको बता दें कि कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा असर कृषि, शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ेगा। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के जमीन पर उतरने के बाद लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
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