बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary, Bihar CM के रूप में नई सरकार का गठन हुआ और बुधवार को लोकभवन में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री बना है। करीब दो दशकों बाद हुए इस बदलाव ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही और पूरे राज्य की नजरें इस ऐतिहासिक पल पर टिकी रहीं।
Bihar में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार की शुरुआत
बिहार की राजनीति में यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से बन रही परिस्थितियों का नतीजा माना जा रहा है। लोकभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही माहौल काफी सक्रिय था। जैसे ही सम्राट चौधरी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, उन्होंने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। यह संकेत था कि वह नई जिम्मेदारी को लेकर गंभीर हैं। समारोह में Giriraj Singh, J. P. Nadda और Shivraj Singh Chouhan जैसे बड़े नेता मौजूद रहे।
उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण बना दिया। वहीं जेडीयू कोटे से विजय चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली, जिससे गठबंधन की मजबूती का संकेत मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ चेहरे का नहीं बल्कि नीतियों और प्रशासनिक दृष्टिकोण का भी हो सकता है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा भी तेज है, जिससे सरकार की दिशा और स्पष्ट होगी। “Political shift in Bihar” अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।
शपथ ग्रहण में दिखा व्यापक राजनीतिक संतुलन
इस समारोह की खास बात यह रही कि इसमें विपक्ष के नेता भी शामिल हुए। Abdul Bari Siddiqui की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि राजनीतिक मतभेद के बावजूद लोकतांत्रिक परंपराएं कायम हैं। वहीं कुछ देर बाद Nitish Kumar भी कार्यक्रम में पहुंचे, जिन पर सभी की नजरें टिकी रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा।






















