Samastipur News: जिले के मोहिद्दीन नगर प्रखंड में रहने वाले शिवनाथ कुमार की कहानी हर किसी को भावुक कर देती है। उन्होंने 9 महीने पहले शादी की थी, लेकिन आर्थिक संकट ने उनकी खुशियों को छीन लिया है। शिवनाथ ने सहारा इंडिया में लगभग 1 लाख रुपये जमा किए थे, यह सोचकर कि उनका पैसा दोगुना-तीगुना हो जाएगा और वे एक सुंदर घर बना सकेंगे। लेकिन अब उनकी दुल्हन बार-बार घर की कमी की बात कहकर उनके साथ रहने से इनकार कर रही है। यह स्थिति दोनों परिवारों के लिए अत्यंत कठिनाई भरी हो गई है।
शिवनाथ का घर बनाने का टूटा सपना अब उनके लिए एक वास्तविकता बनता जा रहा है। शिवनाथ और उनकी पत्नी के बीच कई बार पंचायत भी हो चुकी है, लेकिन दुल्हन की चिंता जस की तस बनी हुई है। शिवनाथ ने सहारा इंडिया के कार्यालय में बार-बार जाकर अपने पैसे की स्थिति जानने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। उनकी जमा राशि का कोई अता-पता नहीं है। इस आर्थिक दुष्चक्र ने शिवनाथ की उम्मीदों को तोड़ दिया है, और उनका भविष्य अब अंधकार में है।
शिवनाथ की कहानी सिर्फ उनकी नहीं है, बल्कि उन हजारों लोगों की भी है जिन्होंने सहारा इंडिया में निवेश किया है और आज अपने पैसों के लिए तरस रहे हैं।
समस्तीपुर जिले के मदूदाबाद में एक मोबाइल दुकान में काम करने वाले शिवनाथ कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में अपनी दर्द भरी कहानी साझा की। उन्होंने कहा, “मैंने बड़े आशा-उम्मीद के साथ सहारा इंडिया में करीब 1 लाख रुपये जमा किए थे ताकि वह पैसा दोगुना या तीन गुना हो जाए और हम एक सुंदर सा घर बना सकें। लेकिन सहारा का मारा हो गया हूं, और पैसा नहीं मिला।”





















