पटना: बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को कथित तौर पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। पूर्णिया के एसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सांसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रविवार की रात को पप्पू यादव को एक कॉल आया, जिसमें खुद को लॉरेंस बिश्नोई का आदमी बताते हुए धमकी दी गई कि अगर उन्होंने बिश्नोई के मामलों में दखलअंदाजी जारी रखी, तो अंजाम गंभीर होगा। इसके बाद पप्पू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, डीजीपी और आईजी को ईमेल कर सुरक्षा की मांग की है।

पिछले बयानों से उपजा विवाद

कुछ हफ्ते पहले मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को चुनौती देते हुए लिखा था कि अगर उन्हें कानून की इजाजत मिले, तो वह बिश्नोई जैसे अपराधियों का दो घंटे में खात्मा कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाकर बाबा सिद्दीकी के बेटे जिशान सिद्दीकी से मुलाकात की और सलमान खान को फोन पर अपनी मदद का आश्वासन दिया। इस बयान के बाद से उन्हें लगातार धमकी मिल रही है, और सोमवार को धमकी का ऑडियो वायरल हो गया जिसमें उन्हें “Rest In Peace” कहकर डराया गया।

सांसद की मांग: सुरक्षा का इंतजाम

धमकी मिलने के बाद पप्पू यादव ने अपने सभी बयानों से दूरी बना ली है। अब वह खुले तौर पर बिश्नोई का नाम लेने से बच रहे हैं और लगातार उच्च अधिकारियों से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर उन्हें कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अब वह सुरक्षा को लेकर राज्य और केंद्रीय प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं।

बाहुबली छवि से राजनेता बनने का सफर

90 के दशक में पप्पू यादव बिहार में बाहुबली नेता के रूप में जाने जाते थे। कोसी और सीमांचल के क्षेत्रों में उनकी धाक थी, और कई विवादों में उनका नाम उछल चुका है। हालांकि समय के साथ उन्होंने अपनी छवि में बदलाव किया और राजनीति में सामाजिक कार्यों की ओर रुख किया। लेकिन इस बार बिश्नोई पर बयानबाजी में शायद उन्होंने बिना सोचे-समझे खुद को खतरे में डाल लिया।

सोशल मीडिया पर किए गए विवादित बयान

पप्पू यादव ने हाल ही में अपने ट्वीट में लिखा था, “यह देश है या हिजड़ों की फौज… एक अपराधी जेल में बैठकर चुनौती देता है, मार रहा है और सब मूकदर्शक बने हैं।” इस बयान के बाद से वह लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने रहे, जिससे उन्हें और अधिक साहस मिला। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाकर खुद मामले में दिलचस्पी ली।

लौटते ही धमकी से मच गया हड़कंप

मुंबई से बिहार लौटने के तुरंत बाद उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कथित धमकी भरा कॉल आ गया। इसके बाद से ही पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर मांगें शुरू कर दी हैं। उन्हें अब इस बात का एहसास हुआ कि सांसद होने के नाते उन्हें एक सीमित दायरे में रहना चाहिए और गैंगस्टर की तरह आक्रामक बयानबाजी से बचना चाहिए।

बदलते दौर में बाहुबली वाली छवि

आज के दौर में राजनीति में बाहुबल की छवि बदल चुकी है, लेकिन पप्पू यादव के कुछ बयानों में उनका पुराना तेवर झलकता है। यह विवाद उनके उसी बाहुबली छवि का नतीजा है जो वह अक्सर दिखाते हैं।

सही समय पर ली समझदारी भरी सलाह

शाम तक पप्पू यादव को उनके करीबियों ने यह अहसास कराया कि लॉरेंस बिश्नोई जैसे संगठित अपराधी से सुरक्षा पाना आसान नहीं है। इसके बाद उन्होंने बिहार डीजीपी, सीएमओ और एचएमओ को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की। सोशल मीडिया पर लोग उनके बयानों पर व्यंग्य करते हुए कह रहे हैं कि “उड़ता तीर ले लिया और अब डर के छिप रहे हैं।”

अब, पप्पू यादव को उम्मीद है कि सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगी ताकि वह सुरक्षित रहें।

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