Samastipur News: समस्तीपुर विद्यालय में वेंडरों द्वारा बेंच डेस्क तो उपलब्ध कराया जा रहा है। मगर बेंच डेस्क की गुणवत्ता में कहीं न कहीं कमी देखने को मिल जा रही है। बेंच डेस्क खरीदने के लिए 22 करोड़ रुपए आवंटित किया गया है। वेंडरों के माध्यम से जिले के प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बेंच डेस्क देना है।
विद्यालय में दिया भी जा रहा है। लेकिन मानक के अनुसार उसकी गुणवत्ता नहीं पाई जा रही है। शिक्षा विभाग गुणवत्ता की जांच के लिए विद्यालय के एचएम पर निर्भर है। इसके अलावे इतने कम समय में 44 हजार बेंच डेस्क की आपूर्ति में 67 वेंडर के पसीने छूट रहे हैं तो इन सभी बेंच-डेस्क की जांच एक जेई व संबंधित एचएम किस प्रकार कर पाएंगे यह यक्ष प्रश्न है।
Samastipur News: जबकि आपूर्ति के 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट जमा करनी है ताकि वेंडर का भुगतान हो सके। सरायरंजन प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बथुआ बुजुर्ग वार्ड-6 में बेंच डेस्क तो उपलब्ध कराया गया है। मगर उसकी गुणवत्ता पर वहां के स्थानीय ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। वहीं हाल विभूतिपुर प्रखंड का भी है। अधिकतर विद्यालयों के बेंच डेस्क की लकडियां डैमेज दिख रही है। अभी तक वेंडर द्वारा जिले के विद्यालयों में 20 हजार 791 बेंच डेस्क ही उपलब्ध कराया गया है। जबकि 31 मार्च तक सभी विद्यालयों में शत प्रतिशत बेंच डेस्क की उपलब्धता कराने का निर्देश दिया गया है।
Samastipur News: विभूतिपुर प्रखंड से शिक्षा विभाग का एक कारगुजारी प्रकाश में आया है। इसमें प्राथमिक विद्यालय गंगौली मुशहरी वार्ड 4 में तीन कमरे के विद्यालय में 159 बच्चों के बीच 70 सेट बेंच डेक्स, वहीं मध्य विद्यालय सिंघिया घाट में 24 कमरे के 17 सेक्शन के विद्यालय में 859 बच्चों में 65 सेट बेंच डेस्क उपलब्ध कराया गया है। इससे मध्य विद्यालय सिंघिया घाट के बच्चे नीचे फर्श पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। यह मामला तब प्रकाश में आया जब विभाग द्वारा प्राथमिक विद्यालय गंगौली मुशहरी वार्ड 4 में 70 सेट, उत्क्रमित विद्यालय बसौना भुसवरी में 70 सेट एवं उत्क्रमित विद्यालय मंदा में 45 सेट बेंच डेस्क उपलब्ध होने की जानकारी मिली।





















