ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में मूल्यांकन उत्तर पुस्तिका के लिए छात्रों से मनमाना चार्ज वसूला जा रहा है। आरटीआई (सूचना के अधिकार) के तहत मांगी गई 32 पृष्ठों की मूल्यांकित पुस्तिका की छाया प्रति के लिए 64 रुपए की जगह 2,000 रुपए का चार्ज लिया जा रहा है। इस मुद्दे पर पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक को शिकायत की गई है।
LNMU में मनमाना चार्ज: आरटीआई अधिनियम का उल्लंघन
शिकायतकर्ता ने आवेदन में बताया है कि विश्वविद्यालय में छात्रों को मूल्यांकन उत्तर पुस्तिका के लिए प्रति उत्तर पुस्तिका 2,000 रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है। बिहार में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्रति पृष्ठ जानकारी के लिए 2 रुपए का चार्ज निर्धारित है। फिर भी, LNMU में पिछले कई वर्षों से छात्रों से मनमाना चार्ज लिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नियमों के अनुसार, 32 पृष्ठों की उत्तर पुस्तिका के लिए 1,936 रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से अवैध है।
छात्रों के अधिकारों का हनन
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्वविद्यालय आरटीआई अधिनियम का उल्लंघन कर रही है, जिससे गरीब छात्रों को जानकारी प्राप्त करने से वंचित किया जा रहा है। परीक्षा परिषद की बैठक में शुल्क का निर्धारण तत्कालीन कुलसचिव द्वारा जारी अधिसूचना में किया गया था, जिसमें कहा गया था कि छात्र-छात्राओं को परीक्षा परिणाम के छह महीने के भीतर मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की छाया प्रति के लिए 2,000 रुपए का भुगतान करना होगा।
सूचना प्राप्ति की समय सीमा
आरटीआई के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए लोक सूचना अधिकारी को आवेदन देने के 30 दिनों के भीतर जानकारी मिल जानी चाहिए। यदि आवेदन सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया गया है, तो सूचना 35 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यदि सूचना नहीं मिलती या सही समय पर नहीं मिलती, तो आवेदक अपीलीय अधिकारी के पास अपील दायर कर सकता है।





















