पटना: रक्सौल रेलवे स्टेशन पर ई-सिगरेट की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। रेलवे के वाणिज्य विभाग ने स्टेशन प्रबंधक अनिल कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसके पहले कोचिंग सुपरिटेंडेंट सह पार्सल इंचार्ज मानिकचंद पर भी गाज गिरी थी। मामले में कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
15 दिसंबर को सीमा शुल्क विभाग ने रक्सौल रेलवे स्टेशन पर एक अभियान चलाते हुए दिल्ली जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस के ब्रेक वैन (पार्सल कोच) से करीब तीन करोड़ रुपये की चीनी ई-सिगरेट जब्त की थी। यह ई-सिगरेट कॉस्मेटिक सामान के नाम पर बुक की गई थी।
सीमा शुल्क विभाग का विशेष अभियान
इस कार्रवाई को सीमा शुल्क (निवारण) पटना के आयुक्त डॉ. यशोवर्धन पाठक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। नेपाल से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी को रोकने के लिए विभाग ने सघन अभियान चलाया। इसी अभियान के तहत यह बड़ी खेप पकड़ी गई।
सबसे बड़े ऑपरेशन में से एक
जांच अधिकारियों के अनुसार, जब्त ई-सिगरेट की कुल कीमत तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई देशभर में ई-सिगरेट तस्करी के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि तस्कर बिहार के रास्ते दिल्ली तक तस्करी के लिए नया रूट तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, सीमा शुल्क विभाग की चौकसी के चलते तस्करों के मंसूबे नाकाम हो गए।






















