Bihar: असम के जोरहाट एयरबेस में हुए एएन-32 विमान हादसे में शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गृह क्षेत्र पहुंचा, पूरा माहौल गम और गर्व से भर गया। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। देशभक्ति के नारों के बीच लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
Bihar: घोसी पहुंचते ही उमड़ पड़ा जनसैलाब
हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। असम के जोरहाट एयरबेस में हुए विमान हादसे में उनके शहीद होने की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया था। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर घोसी पहुंचा तो सड़क के दोनों ओर हजारों लोग पहले से मौजूद थे।
लोग घंटों तक अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन का इंतजार करते रहे। जैसे ही सेना के वाहन में तिरंगे से ढका पार्थिव शरीर पहुंचा, पूरा इलाका भावुक हो उठा। लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। कई युवाओं ने देशभक्ति के नारे लगाए। ग्रामीणों के साथ आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। हर कोई अपने वीर जवान को अंतिम सलाम देना चाहता था।
शोक के बीच दिखा गर्व और सम्मान
शहीद के अंतिम दर्शन के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की आंखें नम दिखीं। कई लोग भावुक होकर रो पड़े। वहीं लोगों के चेहरों पर अपने वीर सपूत के बलिदान का गर्व भी साफ नजर आया। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने कहा कि शुभम कुमार ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
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पूरा क्षेत्र “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “शहीद शुभम अमर रहें” के नारों से गूंजता रहा। यह दृश्य बता रहा था कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवान हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं। आपको बता दें कि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके आदर्शों, देशभक्ति और समर्पण को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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