बिहार विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का Bihar Budget पेश किया। इस बजट का कुल आकार 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य को तेज़ आर्थिक विकास, बेहतर बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुधारों की दिशा में आगे ले जाने का प्रयास है। शिक्षा, डिजिटल सेवाएं, पर्यावरण और रोजगार सृजन इस बजट के प्रमुख केंद्र बिंदु रहे।

Bihar Budget 2026: विकसित बिहार-2047 विजन की शुरुआत

सरकार ने Bihar Budget के माध्यम से ‘विकसित बिहार-2047’ विजन डॉक्यूमेंट लाने की घोषणा की है। यह दस्तावेज़ राज्य के अगले दो दशकों के विकास की दिशा तय करेगा। इसका उद्देश्य नीतियों को अल्पकालिक लाभ से निकालकर दीर्घकालिक लक्ष्य से जोड़ना है। इसके तहत आर्थिक विकास, मानव संसाधन, सामाजिक समावेशन और तकनीकी उन्नति को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई जाएगी।

इसके साथ ही ‘विकसित बिहार स्ट्रेटजी फोरम’ नाम से एक नया संस्थागत प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जो योजनाओं के निर्माण और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। इससे नीतियों में निरंतरता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम बिहार की नीति-निर्माण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बना सकता है।

डिजिटल निगरानी और शिक्षा में तकनीक का विस्तार

Bihar Budget में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स की ऑनलाइन मॉनीटरिंग पर जोर दिया गया है। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की निगरानी के लिए नया स्टेट पीएमजी पोर्टल विकसित किया जाएगा। इससे समय पर प्रोजेक्ट पूरे करने और लागत नियंत्रण में मदद मिलेगी।