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Samastipur News

Bihar Budget 2026: आज से विधानसभा सत्र शुरू, कल आएगा विकास का बड़ा ऐलान

Bihar Budget 2026 को लेकर बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। 3 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे। जानिए सत्र की तारीख, एजेंडा और बड़ी उम्मीदें।

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पटना, 2 फरवरी 2026 – Bihar Budget सत्र आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह सत्र राज्य की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करने वाला माना जा रहा है। सत्र के दूसरे दिन यानी 3 फरवरी को वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव वित्त वर्ष 2026-27 का bihar budget पेश करेंगे। यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब राज्य सरकार विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण को संतुलित करने की चुनौती से जूझ रही है। यह सत्र 27 फरवरी तक चलेगा, जिसमें कई अहम विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

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राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की औपचारिक शुरुआत

Bihar Budget सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान विधानसभा के विस्तारित भवन स्थित सेंट्रल हॉल में विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। राज्यपाल का यह अभिभाषण सरकार की बीते वर्ष की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका पेश करेगा।

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राज्यपाल के भाषण को Bihar Budget सत्र की दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज माना जाता है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचा और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने आती हैं।पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और डिजिटल सेवाओं पर जोर दिया है। ऐसे में इस बार भी विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और निवेश बढ़ाने से जुड़े संकेत मिलने की उम्मीद है।

3 फरवरी को पेश होगा बजट, इन सेक्टर्स पर टिकी हैं नजरें

वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा पेश किया जाने वाला bihar budget 2026-27 कई मायनों में अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बार सरकार का फोकस state budget 2026, development projects, infrastructure spending और economic growth पर रहेगा।

सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण रोजगार, कृषि सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही शहरी विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है।

राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए छोटे उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं भी संभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी होती है, तो इससे रोजगार सृजन और दीर्घकालिक विकास को गति मिल सकती है।

विपक्ष की तैयारी और सत्र का राजनीतिक महत्व

बजट सत्र सिर्फ आर्थिक दस्तावेज तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह राजनीतिक बहस का भी अहम मंच होता है। विपक्ष पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और बजट पर बहस के जरिए सरकार की नीतियों की समीक्षा होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सत्र आने वाले समय में राज्य की नीति-दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर सामने रखेगा।

कुल मिलाकर, यह बजट सत्र बिहार के विकास एजेंडे को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जिस पर आम जनता, निवेशकों और नीति-विशेषज्ञों की नजर टिकी हुई है।

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Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|
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