Samastipur News: गर्मी के आगमन के साथ ही जिले में मस्तिष्क ज्वर (एईएस), जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई), मियादी बुखार एवं चमकी बीमारी का खतरा बढ़ गया है। इससे बचाव को लेकर जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी एवं अनुमंडलीय अस्पतालों के दो-दो मेडिकल अफसरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि अभी तक जिले में एईएस व जेई का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
इसके दो मामला सामने आए थे, लेकिन दोनों केस मुजफ्फरपुर जिले के थे। स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने को लेकर तैयारियां पूर्ण की बात कह रही है। हालांकि अभी तक सदर अस्पताल में इसको लेकर वार्ड भी नहीं बनाया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी के प्रति कितनी गंभीर है।
Samastipur News: सूचना के लिए अब तक नहीं हुई कंट्रोल रूम की स्थापना डीएम योगेंद्र सिंह द्वारा इसको लेकर बीते दिनों एक बैठक भी की गई थी। इसमें बताया गया था कि चमकी बुखार एवं मस्तिष्क ज्वर का संबंध लीची खाने से नही होता है। वहीं इसको लेकर प्रचार-प्रसार कराने का भी निर्देश दिया गया था। इसमें कहा गया था कि रात में बच्चों को खाली पेट सोने नहीं दिया जाए।
अस्पतालों में आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए 24×7 कंट्रोल रूम की स्थापना की करने एवं डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी लगाने के साथ-साथ रात्रि की पाली में डॉक्टरों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। हालांकि अभी तक जिले में इसको लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना नहीं हुई है।





















