Samastipur Agriculture University News: आपको बताते चले की 12 जुलाई 2025 को समस्तीपुर से आई एक बड़ी खबर ने इलाके के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार कमजोर मानसून के कारण Samastipur Agriculture university एक बार फिर चर्चा में है। इस साल धान की खेती पर मौसम की मार साफ दिख रही है।

मानसून की बेरुखी से सूखे की स्थिति

समस्तीपुर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र के अनुसार जून में औसतन 69% कम और जुलाई में अब तक 82% कम बारिश दर्ज की गई है। इससे किसानों के खेतों में लगाए गए धान के बिचड़े मुरझा गए हैं। कई किसानों ने डीजल से पटवन कर धान की रोपाई शुरू की थी, लेकिन अब पानी की कमी से वे भी परेशान हैं।

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किसानों की बढ़ती मुश्किलें

समस्तीपुर के किसान इस समय गहरी चिंता में हैं। महंगा डीजल, घटती वर्षा और मिट्टी में नमी की कमी ने खेती घाटे का सौदा बना दी है। किसानों का कहना है कि बिना पर्याप्त बारिश के धान की कदवा यानी खेतों में पानी भरना संभव नहीं है, जिससे रोपाई रुकी हुई है।