More than 25 houses in danger, Anganwadi center submerged in the river
भागलपुर के कहलगांव प्रखंड के पुरानी मसाढ़ू गांव में गंगा नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 15 दिनों से रुक-रुक कर हो रहे कटाव ने रविवार सुबह अचानक रफ्तार पकड़ ली, जिससे एक आंगनबाड़ी केंद्र, एक मकान और बिजली का खंभा नदी में समा गए। अब 25 से ज्यादा घरों पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते लोग मकान खाली करके पलायन की तैयारी कर रहे हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचा (Ganga’s water level increased, reached above the warning level)
कहलगांव में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा हर दो घंटे में एक सेंटीमीटर ऊपर उठ रही है। रविवार शाम को जलस्तर 30.76 मीटर मापा गया, जो चेतावनी स्तर से 67 सेंटीमीटर ऊपर है। इससे लोग सहमे हुए हैं, क्योंकि जलस्तर के और बढ़ने की संभावना है, जिससे 25 से ज्यादा घरों पर संकट गहराता जा रहा है।

गंगा कटाव की रफ्तार ने किया हालात बेकाबू, घर और जमीन नदी में समा रहे
गंगा का कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि पलक झपकते ही घर और खेत गंगा नदी में समा रहे हैं। ग्रामीणों, जैसे घूरन मंडल और ज्ञानी मंडल, ने बताया कि कटाव की गति इतनी तेज है कि जैसे ही बंबू रोल डाला जाता है, वह बहकर नदी में चला जाता है। ऐसे हालात में लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर पलायन की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि कभी भी कटाव उनका घर बहा सकता है।
कटावरोधी काम ठप, सड़क और जल मीनार भी समा गई नदी में (Anti-erosion work stopped, road and water tower also submerged in the river)
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तीन दिन से कटावरोधी कार्य पूरी तरह से बंद है। 12 दिन पहले 100 फीट लंबी पीसीसी सड़क भी गंगा के कटाव के कारण नदी में समा गई थी। इससे पहले की जल मीनार भी कटाव की चपेट में आकर नष्ट हो चुकी है। इस कटाव के कारण कई परिवार पलायन करने को मजबूर हैं।















