समस्तीपुर, बिहार: समस्तीपुर जिले में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले दस दिनों में जिले में डेंगू के 19 नए मरीजों की पहचान हुई है, जिससे कुल पीड़ितों की संख्या बढ़कर 134 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने 4 नवंबर तक जारी किए गए आंकड़ों में दी। 25 अक्टूबर तक जिले में डेंगू के 115 मरीज सामने आए थे, लेकिन इसके बाद से डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है।
समस्तीपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में डेंगू के मरीजों का बढ़ता आंकड़ा
समस्तीपुर जिले में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जिले के समस्तीपुर अनुमंडल में सर्वाधिक 53 डेंगू मरीजों की पहचान हुई है। इसके अलावा, रोसड़ा अनुमंडल में 41, पटोरी में 11 और दलसिंहसराय अनुमंडल में 10 मरीज मिले हैं। यदि प्रखंडों की बात करें तो समस्तीपुर प्रखंड में 37 और हसनपुर प्रखंड में 35 डेंगू मरीज पाए गए हैं। अब तक जिले में डेंगू के कुल 134 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से अधिकांश मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री रही है।
समस्तीपुर में डेंगू के बढ़ते मामलों के लिए प्रशासन की अलर्ट स्थिति
समस्तीपुर जिले में डेंगू के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के मरीजों की पहचान और इलाज के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। सदर अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। साथ ही, डेंगू के लार्वा को नष्ट करने के लिए फॉगिंग और सफाई अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के सहयोग से और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से यह अभियान चलाया जा रहा है।
समस्तीपुर जिले में डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान
डेंगू के फैलाव को रोकने के लिए समस्तीपुर में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जिले भर में पीआरआई, शिक्षा विभाग और एनजीओ के सहयोग से डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही, डेंगू के लार्वा को नष्ट करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई और जलभराव को रोकने के उपायों पर जोर दिया जा रहा है। संतोष कुमार, डीवीबीडीसी, समस्तीपुर ने बताया कि इस अभियान में एक हजार आशा कार्यकर्ताओं को डेंगू के नियंत्रण और बचाव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।





















