12 फरवरी 2026 को पश्चिम बंगाल से चिंताजनक खबर सामने आई। राज्य में इस साल पहली बार Nipah virus संक्रमण से मौत का मामला दर्ज हुआ है। नॉर्थ 24 परगना के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती 25 वर्षीय महिला नर्स ने ICU में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हुई। हालांकि कुछ दिन पहले उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पाया। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
संक्रमण की स्थिति और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
पिछले महीने सामने आए दो मामलों में से एक मामला इसी नर्स से जुड़ा था। दूसरे संक्रमित पुरुष नर्स को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, यह एक viral infection है जो तेजी से गंभीर रूप ले सकता है।राज्य स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल contact tracing शुरू कर दी है। अस्पताल स्टाफ और मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। संक्रमण रोकने के लिए public health alert जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों से फैलता है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत और दिमागी सूजन शामिल हो सकती है।सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखे गए हैं।
Nipah virus क्या है और कैसे करें बचाव?
Nipah virus एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक संक्रमण है। भारत में पहले भी केरल और अन्य राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।
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बचाव के लिए ये सावधानियां जरूरी हैं:
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें
- मास्क और सैनिटाइजेशन का पालन करें
- अधपके फल या खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं
- तेज बुखार या न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते उपचार से मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। यह भी जरूरी है कि अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के प्रोटोकॉल सख्ती से लागू हों।यह घटना हमें याद दिलाती है कि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। राज्य और केंद्र सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
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