8th Pay Commission 2026: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब नए वेतन आयोग पर टिकी है। बिहार समेत पूरे देश में चर्चा तेज है कि इस बार सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ सकती है। कई कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार आर्थिक बोझ को देखते हुए संतुलित फैसला लेने की तैयारी में दिख रही है।
बिहार के कर्मचारियों में क्यों बढ़ी उम्मीद?
बिहार के सरकारी कर्मचारी भी केंद्र सरकार के फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। इसकी वजह साफ है। केंद्र में जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, उसके बाद कई राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव करती हैं। समस्तीपुर, पटना, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सरकारी दफ्तरों में इसी चर्चा का माहौल है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। घर का किराया, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के खर्च पहले से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में मौजूदा सैलरी से परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। इसी कारण यूनियनें फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक करने की मांग उठा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, सरकार अभी सभी मांगों को पूरी तरह मानने के मूड में नहीं दिख रही। वित्तीय बोझ बढ़ने का डर सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि अब “मिडिल पाथ” यानी बीच का रास्ता अपनाने की चर्चा तेज हो गई है।















