नोएडा: बिहार की मूल निवासी एक महिला डॉक्टर साइबर ठगों के जाल में फंस गईं और उन्हें तीन दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। इस दौरान ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 27 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। यह मामला बिहार की पढ़ी-लिखी महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराधों का एक और उदाहरण है।
डिजिटल अरेस्ट का पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला डॉक्टर, जो लंबे समय से ग्रेटर नोएडा में अपने परिवार के साथ रह रही हैं, के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और दावा किया कि एक एयरवेज के संस्थापक को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें डॉक्टर का नाम भी एफआईआर में शामिल है।
डॉक्टर को धमकी दी गई कि यदि उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद, ठगों ने लगातार दबाव बनाकर उनसे कुल 27 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टर पर निगरानी रखी और उन्हें किसी से संपर्क करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिस में शिकायत दर्ज
जब ठगों ने और पैसे की मांग की, तो डॉक्टर को ठगी का अंदेशा हुआ। उन्होंने तुरंत इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें ठगों के चंगुल से मुक्त कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।



















