Bihar Election 2025 की सरगर्मियों के बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे, संतोष कुमार सुमन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि वह आगामी विधानसभा इलेक्शन में उम्मीदवार के तौर पर मैदान में नहीं उतरेंगे। यह ऐलान बिहार चुनाव 2025 के लिए एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे के तुरंत बाद आया है, जहाँ ‘हम’ पार्टी को छह सीटें मिली हैं।

संतोष सुमन ने Bihar Election न लड़ने का फैसला क्यों लिया?

संतोष कुमार सुमन ने अपने फैसले के पीछे संगठन को मजबूत करने की रणनीति को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने कहा है कि वह खुद एक सीट से चुनाव लड़ने के बजाय, अपनी पूरी ऊर्जा पार्टी के सभी छह उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने और पूरे बिहार में ‘हम’ के आधार को व्यापक बनाने में लगाएंगे।

वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य संतोष सुमन का मानना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बिहार चुनाव 2025 में ‘हम’ के सभी उम्मीदवार विजयी हों और पार्टी को भविष्य में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने में मदद मिले। उनका यह कदम उनकी पार्टी को किसी एक सीट तक सीमित न रखकर, पूरे राज्य में दलित और महादलित समुदाय के बीच एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है।

मांझी परिवार से इलेक्शन में कौन उतर सकता है?

संतोष कुमार सुमन के इलेक्शन न लड़ने के ऐलान के बावजूद, जीतन राम मांझी का परिवार और उनके करीबी नेता ‘हम’ के सिंबल पर जरूर चुनाव लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी स्वयं अपनी पारंपरिक इमामगंज (सुरक्षित) विधानसभा सीट से उम्मीदवार हो सकते हैं। ‘हम’ पार्टी को एनडीए गठबंधन में छह सीटें मिली हैं, जिन पर पार्टी अपने वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को टिकट देगी, जिससे बिहार चुनाव 2025 में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर हो सके। संतोष सुमन का फोकस इन सभी सीटों पर जीत सुनिश्चित करने और एनडीए के अन्य घटक दलों के लिए भी प्रचार करने पर रहेगा, जिससे गठबंधन की एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचे।

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