Samastipur News Today (3 अक्टूबर 2025): समस्तीपुर जिले में ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब स्वतंत्रता सेनानी हरे कृष्ण राय की प्रतिमा का अनावरण किया गया। 33 साल पहले जमीन विवाद में उनकी हत्या कर दी गई थी और अब जाकर उन्हें यह सम्मान मिला।
हरे कृष्ण राय का संघर्ष और योगदान
हरे कृष्ण राय का जन्म 16 अप्रैल 1929 को मरीचा गांव में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी हिस्सा लिया। कई बार जेल गए और अपने जीवन की सुख-सुविधाओं को छोड़कर देशहित में संघर्ष किया। वे कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं के करीबी रहे और शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में भी अपनी सेवा दी। आज जब उनकी प्रतिमा का अनावरण हुआ तो लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
परिवार की उम्मीदें और सरकार से नाराज़गी

1992 में एक जमीनी विवाद के चलते उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार का कहना है कि आज भी उन्हें सरकार से उचित मान-सम्मान नहीं मिला है। ताम्रपत्र की सुविधा और उचित संरक्षण से वंचित रहना उनकी सबसे बड़ी पीड़ा रही। समारोह में कई स्थानीय नेता और समाजसेवी शामिल हुए। इस खबर का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह न केवल Bihar का अहम हिस्सा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने वाला पल है।
आज की पीढ़ी के लिए सीख
हरे कृष्ण राय का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चा देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं बल्कि कर्मों में होती है। उन्होंने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, भले ही उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज और देशहित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।















