Samastipur News Today: नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की समस्तीपुर में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती शुक्रवार को बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर का आयोजन प्रदेश उपाध्यक्ष अनंत कुशवाहा की अध्यक्षता में हुआ। महात्मा फुले की शिक्षाओं और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
महात्मा फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
Samastipur News Today: समारोह की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर मौजूद अनंत कुशवाहा ने कहा कि “महात्मा फुले ने अपना संपूर्ण जीवन दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के अधिकारों और उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वे सामाजिक अन्याय के विरुद्ध एक मजबूत आवाज थे।”
लड़कियों की शिक्षा के लिए फुले दंपति का अमिट योगदान
Samastipur News Today: अनंत कुशवाहा ने आगे बताया कि एक समय जब लड़कियों की शिक्षा को समाज में स्वीकार नहीं किया जाता था, तब महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने मिलकर इस असंभव कार्य को संभव कर दिखाया। उन्होंने देश की पहली महिला शिक्षिका के रूप में सावित्रीबाई को तैयार किया और लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला। यह कदम भारतीय समाज में एक नई क्रांति लेकर आया।
सत्यशोधक समाज की स्थापना और ‘महात्मा’ की उपाधि
Samastipur News Today: दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी। उनके अथक प्रयासों के चलते 1888 में मुंबई की एक सभा में उन्हें ‘महात्मा’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनका जीवन उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
Samastipur News Today: इस समारोह में के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से उपस्थित थे—प्रदेश महासचिव , महासचिव , अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव , प्रदेश सचिव , पार्टी के वरिष्ठ नेता , छात्र जिलाध्यक्ष , प्रखंड अध्यक्ष , ओम प्रकाश ठाकुर, मुकेश मलाकर, अजय राम, कुंदन कुशवाहा और अवधेश कुशवाहा। सभी ने पुष्प अर्पित कर महात्मा फुले को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।















