Health Yojna: बिहार सरकार ने राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के विस्तार के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 6.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। नालंदा और मुजफ्फरपुर में सफलता मिलने के बाद अब इस योजना को चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों में लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य मरीजों को तेज, आसान और पेपरलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

Health Yojna: एक क्लिक पर डॉक्टर देख सकेंगे मरीज का पूरा रिकॉर्ड

जानकारी के मुताबिक, योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे डॉक्टर एक क्लिक में मरीज की बीमारी, जांच रिपोर्ट और पुराने इलाज का पूरा विवरण देख सकेंगे। मरीजों को हर बार पुरानी पर्चियां और मेडिकल फाइलें साथ लेकर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।

सरकार का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड से इलाज की प्रक्रिया तेज होगी। डॉक्टर सही समय पर सही निर्णय ले सकेंगे। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी और अस्पतालों में भीड़ के बावजूद काम आसान होगा।

टेलीमेडिसिन से गांवों तक पहुंचेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह

मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत टेलीमेडिसिन सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की ऑनलाइन सलाह ले सकेंगे।

अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की भी डिजिटल निगरानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि अस्पतालों में डिजिटल आधारभूत ढांचे का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

2022 में शुरू हुई योजना, अब पूरे राज्य में होगा विस्तार

मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। यह करीब 300 करोड़ रुपये की परियोजना है। अब तक इस योजना के लिए 175.11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। ताजा आवंटन के बाद राज्य सरकार अन्य जिलों में भी इसे तेजी से लागू करेगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और क्यूआर कोड आधारित ओपीडी पंजीकरण में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार भी राज्य की सराहना कर चुकी है। आपको बता दें कि योजना लागू होने के बाद अस्पताल जाने वाले मरीजों को इलाज के दौरान पहले से कहीं अधिक सुविधा मिलेगी। डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन परामर्श और तेज स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ राज्य के लाखों लोगों तक पहुंचेगा।

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