बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) से पहले छपरा की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। तारीख 15 अक्टूबर 2025 को पूर्व मेयर राखी गुप्ता ने भाजपा (BJP) से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। इस फैसले ने न केवल स्थानीय राजनीति को हिला दिया है बल्कि पूरे बिहार की चुनावी रणनीति में भी नई हलचल मचा दी है।

छपरा में राखी गुप्ता की बगावत से बढ़ी BJP की मुश्किलें

छपरा (Chapra Vidhansabha) सीट पर राखी गुप्ता लंबे समय से भाजपा के टिकट की दावेदार थीं। लेकिन जब पार्टी ने अंतिम क्षणों में उनका टिकट काट दिया, तो उन्होंने तत्काल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान शहर में बड़ी भीड़ उमड़ी, जो उनके स्थानीय समर्थन और लोकप्रियता को दर्शाती है।

पूर्व मेयर के रूप में राखी गुप्ता ने शहर में कई विकास कार्य कराए थे। उनकी सक्रियता और जनता के बीच पकड़ को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ता भी दो हिस्सों में बंटते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राखी गुप्ता के निर्दलीय उतरने से BJP leader Rakhi Gupta अब सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रही है। इससे भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक पर असर पड़ने की संभावना है।

“मुझे चुनाव लड़ना है तो लड़ना है” — राखी गुप्ता का बयान वायरल

राखी गुप्ता ने मीडिया से कहा, “मैंने पार्टी पर भरोसा किया था, लेकिन अंत समय में मुझे धोखा मिला। मुझे चुनाव लड़ना है तो लड़ना है।” उनके इस बयान ने पूरे Bihar Chunav सर्कल में हलचल मचा दी है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, राखी गुप्ता के कदम से भाजपा को नुकसान और विपक्ष को अप्रत्यक्ष फायदा हो सकता है।