Samastipur Electric Shock Tragedy: जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बिजली के करंट से हुए हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 महीने की बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। इस हादसे ने पूरे इलाके में मातम का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार अचानक हुए इस हादसे ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।

हादसे की पूरी घटना: कैसे हुआ करंट का दर्दनाक हादसा

Samastipur Electric Shock Tragedy में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत – दिल दहला देने वाला हादसा, मासूम की जिंदगी खतरे में

रविवार की सुबह समस्तीपुर जिले के एक गांव में यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार घर के आंगन में बिजली का तार गिरा हुआ था। परिजनों को इसकी जानकारी नहीं थी। जैसे ही घर की महिला ने तार को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गई। महिला को बचाने के लिए उसका बेटा दौड़ा, लेकिन वह भी करंट से झुलस गया। इसके बाद छोटे पोते ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

इसी दौरान घर की चार महीने की बच्ची भी करंट की चपेट में आ गई, जिसे गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

यह दर्दनाक घटना एक बार फिर से Samastipur Electric Shock Tragedy के तौर पर चर्चा में है। गांव के लोगों का कहना है कि अगर बिजली विभाग समय पर खराब लाइन की मरम्मत करता तो यह हादसा टल सकता था।

बिजली हादसों से बिहार में बढ़ रही चिंता

बिहार में पिछले कुछ महीनों से लगातार बिजली से जुड़े हादसे बढ़ रहे हैं। गांवों और कस्बों में पुराने बिजली खंभे और तार जर्जर हो चुके हैं। बारिश के मौसम में अक्सर बिजली तार गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। पिछले साल भी इसी तरह की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। सरकार ने बार-बार बिजली विभाग को मरम्मत और मेंटेनेंस पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदल रहे। यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में लोग बिजली से जुड़े हादसों के डर में जीते हैं।