बागमती एक्सप्रेस ने शुक्रवार को एक मालगाड़ी से टकरा जाने के बाद यात्रियों में हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गोहिया गांव निवासी विनोद यादव (42) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने घटना की आंखों देखी कहानी साझा की।

बागमती एक्सप्रेस का दौड़ता हुआ हाल, यात्रियों में भगदड़ मची

विनोद यादव ने बताया कि उन्होंने चेन्नई के पेरंबूर से रात 8 बजे बागमती एक्सप्रेस की यात्रा शुरू की थी। वह दीपावली और छठ पर्व की छुट्टियों के दौरान अपने घर दरभंगा लौट रहे थे। उनके साथ उनके साले का बेटा मुकेश कुमार भी था। वे ट्रेन की एम-42 बोगी में सवार थे। यात्रा शुरू होने के आधे घंटे बाद अचानक ट्रेन हिलने लगी, जिससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। बाहर देखने पर पता चला कि लोग इधर-उधर भाग रहे थे। इस दौरान भारतीय रेलवे की सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

पटना निवासी आलोक अपनी पत्नी डेजी के साथ ट्रेन में सफर कर रहे थे।

घायल की आंखों देखी: ट्रेन के टकराने के बाद

विनोद यादव ने आगे बताया कि वह अपने दो बैग लेकर मुकेश के साथ बोगी से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। इसी भगदड़ में वह टूटे हुए पटरी के स्लैब पर गिर गए, जिससे वह बेहोश हो गए। कुछ यात्रियों और प्रशासन की मदद से उन्हें एंबुलेंस में लादकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विनोद चेन्नई में समोसा बनाने का काम करते हैं।

12 अक्टूबर की सुबह ट्रेन एक्सीडेंट का ड्रोन विजुअल। राहत-बचाव का काम जारी है।