दरभंगा, बिहार: बिहार में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक स्कूल के हेडमास्टर, वकील और नोटरी पब्लिक तक जेल जाने के खतरे में हैं। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने एक छेड़खानी के आरोपी को बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए। आरोपी को नाबालिग दिखाकर जमानत हासिल करने की कोशिश की गई, जिससे पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह घटना दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र से जुड़ी हुई है।

आरोपी को बचाने के लिए की गई थी फर्जी सर्टिफिकेट की साजिश

पुलिस के अनुसार, एक युवती ने 19 अक्टूबर 2023 को बहेड़ी थाना में छेड़खानी और मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप था कि शुभम कुमार सिंह नामक युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कॉलेज से लौट रही युवती के साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर मारपीट की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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लेकिन आरोपी को जेल से बाहर निकालने के लिए उसके दादा मिथिलेश प्रसाद सिंह ने एक वकील के माध्यम से फर्जी दस्तावेज़ तैयार कराए। इनमें नाबालिग होने का झूठा शपथ पत्र तैयार किया गया। यह शपथ पत्र गांव के मध्य विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद जाकिर हुसैन रब्बानी से बनवाया गया। इस शपथ पत्र को नोटरी पब्लिक से प्रमाणित करवाया गया, ताकि आरोपी को जमानत मिल सके। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने आठवीं कक्षा पास नाबालिग का स्थांतरण प्रमाणपत्र भी जारी करवाया था।

स्कूल हेडमास्टर, वकील और नोटरी पब्लिक के खिलाफ प्राथमिकी

लहेरियासराय थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और पाया कि आरोपी के दादा, पिता, और अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने में मदद की गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य, अधिवक्ता, और नोटरी पब्लिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें शुभम कुमार सिंह के पिता कृष्ण कन्हैया सिंह और अन्य आरोपी शामिल हैं।

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